Boy’s birth and girl’s birth depend upon the couple

कैसा पुत्र और पुत्री चाहिए वो आपके हाथमें है,

सामान्य तह स्त्री को रजस्वला होनेके बाद १६ दिन तक ऋतुकाल होता है

कैसा पुत्र चाहिए वो आपके हाथमें है, पत्नी को मासिक आने के बाद यानि ४ रात्रि के बाद पति पत्निके साथ संयोग करता है तो उस पत्नी को अल्प आयुषवाला पुत्र प्राप्त होता है.

यदि पति और पत्नी ५ वे दिन में संयोग करता है तो वंशकर्ता पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी ६ वे दिन में संयोग करता है तो वंशकर्ता पुत्र प्राप्त होता है.

यदि पति और पत्नी ७ वे दिन में संयोग करता है तो बांझ पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी ९ वे दिन में संयोग करता है तो पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी १० वे दिन में संयोग करता है तो श्रेष्ठ पुत्र प्राप्त होता है.

यदि पति और पत्नी ११ वे दिन में संयोग करता है तो कुरूप पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी १२ वे दिन में संयोग करता है तो श्रेष्ठ पुत्र प्राप्त होता है.

यदि पति और पत्नी १३ वे दिन में संयोग करता है तो पापी पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी १४ वे दिन में संयोग करता है तो श्रेष्ठ पुत्र प्राप्त होता है.

यदि पति और पत्नी १५ वे दिन में संयोग करता है तो लक्ष्मी जैसी पुत्री प्राप्त होती है.

यदि पति और पत्नी १६ वे दिन में संयोग करता है तो सर्वज्ञ पुत्र प्राप्त होता है.

पिछले कुछ सालो के अंतिम खोज के बाद, डॉक्टर संतान की प्राप्ती के लिए रुतु के बाद १०, १२, १४ और १६ वे दिन पर संयोग बनाने की सलाह देते हैं।

वैदिक और ज्योतिष , मेडिकल एस्ट्रोलॉजी बुक मे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लेखक डॉक्टर चंद्रशेखर ठक्कुर के द्वारा लिखी गई ये बात है.