ग्रह की दैनिक और मध्यम गति

Each planet has two types of motion simultaneously.

सूर्यकी प्रदक्षिणा और अपनी धरी पे भ्रमण.

सूर्य की दिशा में गति करने वाली पृथ्वी को 1 वर्ष लगता है. इस तरह से प्रत्येक ग्रह को अलग समय लगता है। प्रत्येक ग्रह को मार्गी, स्तम्भि और वक्री कहा जाता है। राहू और केतु के सिवाय कोई गृह वक्री गति से नाहे चलता. पृथ्वी की दैनिक गति ५७ से ६१ कला जय सी होती है . राहू और केतु की गति ३ कला और ११ विकला है.

ग्रह की दैनिक मध्यम गति

गृह अंश कला विकला
सूर्य
चन्द्र १२
मंगल ४५
बुध २४
गुरू
शुक्र १२
शनि
राहू ११
केतू ११
युरेनस ४२
नेप्चुन ४२

सूर्य १ मास यानि एक साल में एक राशी चक्र पूर्ण करता है.

चन्द्र ये पृथ्वी का उपग्रह है सवा दो दिन में यानि ३० कलाक एक राशी चक्र पूर्ण करता है.

मंगल ४५ दिन में एक राशी चक्र पूर्ण करता है. कभी कभी एक रशिमे ६ और ८ मास भी रहता है.

बुध की गति ६० कला से १२५ कला में बढ़ती और घटती रहती है, जब बुध मार्गी में से वक्री में या वक्री में से मार्गी में होती है तब बुधकी गति बहोत ही कम होई है. बुध सूर्य से २८ अंश से अधिक आगे नही जा शकता, इसलिए बुध सूर्य के आसपास में ही रहता है.

गुरू सबसे बडा गोला है, १२ मास में एक राशी चक्र पूर्ण करता है.

शुक्र ४५ दिन में एक राशी चक्र पूर्ण करता है. शुक्र सूर्य से ४८ अंश से अधिक आगे नही जा शकता, इसलिए शुक्र सूर्य के आसपास में ही रहता है.

शनि २ साल ६ मास यानि २.५ वर्ष में एक राशी चक्र पूर्ण करता है.

राहु १ साल ६ मास यानि १.५ वर्ष में एक राशी चक्र पूर्ण करता है.

केतु १ साल ६ मास यानि १.५ वर्ष में एक राशी चक्र पूर्ण करता है.