कुंडली में सूर्य का स्थान कहा पर है?
ये जानने से कुंडली कौनसे समय की है ये जान शकते है.
निरयन सुर्यकी राशी
| नंबर | तारीख | मास से | तारीख | मास तक | राशी |
|---|---|---|---|---|---|
| ०१ | १४ | अप्रिल से | १४ | मे तक | मेष |
| ०२ | १५ | मे से | १४ | जुन तक | वृषभ |
| ०३ | १५ | जुन से | १६ | जुलाई तक | मिथुन |
| ०४ | १७ | जुलाई से | १६ | अगस्त तक | कर्क |
| ०५ | १७ | अगस्त से | १६ | सप्टेम्बर तक | सिंह |
| ०६ | १७ | सप्टेम्बर से | १७ | अक्तूबर तक | कन्या |
| ०७ | १८ | अक्तूबर से | १६ | नवेम्बर तक | तुला |
| ०८ | १७ | नवेम्बर से | १५ | दिसंबर तक | वृश्चिक |
| ०९ | १६ | दिसंबर से | १३ | जनवरी तक | धन |
| १० | १४ | जनवरी से | १३ | फरवरी तक | मकर |
| ११ | १४ | फरवरी से | १३ | मार्च तक | कुम्भ |
| १२ | १४ | मार्च से | १३ | अप्रिल तक | मीन |
ऊपर दी गई तारीख में एकाद दिन का भी फर्क हो शकता है.
Go to Prashna Kundliउपर दी गई तारीख पर से निरयन सूर्य कौनसी राशी का है वह जानने को मिलता है, कई बार सूर्य सवार सांज बपोर के रत के समय पर भी बदलता रहता है उस समय पंचांग देख लेना जरुरी है
